Daily Archives: April 11, 2016

बार बार

  कैदी हूँ  या आज़ाद ये तो मौत ही बताएगा , हर एक पल सताया तूने, (  बार बार धड़का ,ये जिद्दी  दिल रुकने की उम्मीद लेकर …) बार बार हारी कुछ हसीं लम्हों के खातिर दुनिया के तमाशे में अकेले ही डूबी तेरे दर की तलाश में… (बार बार धड़का ,ये जिद्दी  दिल, रुकने की उम्मीद  लेकर …)

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